Header Ads

Header ADS

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू, 351 बसें रवाना

 


भोपाल। 

मध्य प्रदेश में 21 साल बाद एक बार फिर सरकारी बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। प्रदेशवासियों को सुगम, सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 25 सितंबर को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की गई। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रिमोट के जरिए सेवा का शुभारंभ किया। इस दौरान 351 बसों को रवाना किया गया।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत होगी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश की 75% ग्राम पंचायतों तक परिवहन सेवा का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

2031 तक 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत वर्ष 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहले वर्ष में 1,500 बसों के संचालन की योजना है। इसके बाद हर साल लगभग 2,500 से 3,000 बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। योजना के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

आधुनिक तकनीक से होगी बसों की निगरानी

यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए बसों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए बसों के संचालन, लोकेशन और समयबद्धता की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे बसों के परिचालन पर नजर रखने और सेवा को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

कमांड-कंट्रोल सेंटर से रखी जाएगी नजर

मध्यप्रदेश यात्री परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसकी सात सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के जरिए बसों की निगरानी की जाएगी। परिवहन सेवा में तकनीक के इस्तेमाल से बसों के संचालन और प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हर बस में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बसों में सर्विलांस की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पैनिक बटन भी लगाए जाएंगे।

No comments

Powered by Blogger.