मप्र विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश, कार्यसूची में जानकारी को लेकर हंगामा , कैलाश -उमंग में सवाल जवाब
भोपाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को ही राज्य सरकार ने सदन में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 पेश कर दिया है। इस पर आज चर्चा होगी। इससे पहले विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में किसानों के मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। खाद संकट, सरकारी खरीदी में कथित अनियमितताओं, किसानों को उचित मुआवजा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिलने के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।
कार्यसूची में जानकारी को लेकर पक्ष- विपक्ष आमने सामने
विधानसभा सचिवालय ने आज की पूरक कार्य सूची जारी करते हुए 14 विधेयकों की जानकारी सदन को दी। एक साथ इतने विधेयक पेश किए जाने पर कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने आपत्ति जताई। उन्होंने अध्यक्ष से सवाल किया कि जब यह विधेयक कार्य सूची में शामिल नहीं थे तो अचानक इन्हें क्यों लाया गया है? इस पर इस पर विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस पर चर्चा हुई थी। इसके बाद यह विधेयक सदन में ले आए हैं। कल इन पर चर्चा होगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने कहा कि बिना सदस्यों को जानकारी दिए इस प्रकार की प्रक्रिया गलत है। सदन को विश्वास में नहीं लिया गया और ऐसा लगातार हो रहा है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि संशोधित कार्य सूची का प्रावधान पहले से है। अभी सदन के पटल पर विधेयक रखे गए हैं। इनकी प्रति आपको उपलब्ध कराई जाएंगी। सभी को चर्चा के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
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