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ममता काे झटका, विधानसभा अध्यक्ष की मंजूरी के बाद ऋतब्रत को मिला नेता प्रतिपक्ष का दर्जा

 


कोलकाता। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बंद्योपाध्याय को विधानसभा में विपक्ष का नेता की मान्यता दे दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु की स्वीकृति के बाद नेता प्रतिपक्ष के लिए निर्धारित कक्ष भी खोल दिया गया और उसकी चाबी ऋतब्रत को सौंप दी गई।

ऋतब्रत बंद्योपाध्याय ने दावा किया कि तृणमूल के टिकट पर निर्वाचित दो-तिहाई विधायक उनके साथ हैं और यही समूह अब विधानसभा में तृणमूल के संसदीय दल का बहुमत रखता है। उन्होंने कहा कि उनकी अगुवाई में विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ मजबूती से अपनी भूमिका निभाएगा।

अभिषेक का पार्टी से कोई संबंध नहीं, ममता बनर्जी सलाहकार के रूप में मार्गदर्शन दें : ऋतब्रत बनर्जी

ऋतब्रत बंद्योपाध्याय ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व लाेकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी का उनकी पार्टी से कोई संबंध नहीं है, जबकि ममता बनर्जी को वह एक वरिष्ठ नेता के रूप में पार्टी की मुख्य सलाहकार की भूमिका में देखना चाहते हैं।

बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ऋतब्रत ने कहा कि अभिषेक बनर्जी की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उनके साथ हमारी पार्टी का कोई संबंध नहीं है। जनता के साथ भी उनका कोई जुड़ाव नहीं है। यदि ऐसा होता तो चुनावी हार के बाद वह 26 दिनों तक सार्वजनिक रूप से गायब नहीं रहते, बल्कि लोगों के बीच आते। 

सौरव गांगुली की सुरक्षा में किया बदलाव, जेड की जगह वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी

 पश्चिम बंगाल सरकार ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (कैब) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती करने का फैसला किया है। अब तक सौरव को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, लेकिन अब उन्हें ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। इस फैसले के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था दो स्तर नीचे आ जाएगी।

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