नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वालों के खिलाफ यूपी विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पारित
लखनऊ।
महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर गुरुवार को बुलाए गए विधानमंडल के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित कराने में बाधक बने कांग्रेस, सपा व अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। योगी सरकार ने विधानमंडल के दोनों सदनों में यह प्रस्ताव पास कराया। विधान सभा में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश सुरेश कुमार खन्ना व विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिसे दोनों ही जगह ध्वनिमत से पारित किया गया। विपक्ष ने प्रस्ताव का विरोध किया।
निंदा प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष ने इस संशोधन विधेयक को रोकने के लिए मजहबी आरक्षण को आधार बनाया। हम मजहबी आरक्षण का विरोध करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। भाजपा हमेशा से अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के आरक्षण के पक्ष में रही है।
सपा को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक का विरोध कर महिलाओं को मिलने वाले राजनीतिक अधिकारों को बाधित करने का प्रयास किया, मजहबी आरक्षण का मुद्दा उठाकर वास्तविक उद्देश्य से लोगों का ध्यान भटकाया। देश के साथ इससे बड़ा द्रोह कुछ और नहीं हो सकता है। संशोधन विधेयक का विरोध करने से आपकी जो मंशा सामने आई है, उसकी हम निंदा करते हैं।
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