सुप्रीम कोर्ट की कड़ी आपत्ति के बाद एनसीआरटी ने मांगी माफ़ी
नई दिल्ली
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने कक्षा आठ की पाठ्यपुस्तक में ‘न्यायिक भ्रष्टाचार’ से संबंधित अध्याय को लेकर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी आपत्ति के बाद माफी मांग ली। परिषद ने स्पष्ट किया है कि विवादित अध्याय को उपयुक्त अधिकारियों से परामर्श के बाद दोबारा लिखा जाएगा।
कोर्ट की फटकार के कुछ ही घंटों के भीतर एनसीईआरटी ने अपनी वेबसाइट से पुस्तक हटा ली और उसके वितरण पर भी रोक लगा दी। संशोधित पुस्तक शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी। मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है।
एनसीईआरटी ने बयान जारी कर कहा कि कक्षा आठ की पुस्तक के संबंधित अध्याय में कुछ अनुचित सामग्री और निर्णय संबंधी त्रुटि अनजाने में शामिल हो गई। एनसीईआरटी न्यायपालिका को सर्वोच्च सम्मान देता है और उसे भारतीय संविधान का संरक्षक तथा मौलिक अधिकारों का रक्षक मानता है।” उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाने या उसके अधिकार क्षेत्र पर प्रश्न खड़ा करने का कोई इरादा नहीं था।
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