Header Ads

Header ADS

सीधे जनता के द्वारा ही चुने जाएंगे निकाय अध्यक्ष, मोहन कैबिनेट में फैसला

 


मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति 

भोपाल। 

नगर पालिका परिषद और नगर परिषदों के अध्यक्ष का चुनाव अब प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। आगामी आम चुनाव वर्ष 2027 से मतदाता सीधे अपने वोट से अध्यक्ष का चयन करेंगे।  वर्ष 2022 तक नगर पालिका और परिषदों में अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से ही होता था, लेकिन बाद में इसे बदलकर अप्रत्यक्ष प्रणाली लागू कर दी गई थी। इसमें पार्षदों के मतों से अध्यक्ष चुना जाता था।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में  अध्यक्ष पद का निर्वाचन आगामी आम-निर्वाचन में प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराये जाने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कई अहम निर्णय भी  लिए गए। 

कैबिनेट बैठक में वाहनों से प्रदूषण घटाने को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। बीएस-1 और बीएस-2 गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए अधिक प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। अब अधिकृत स्क्रैपिंग संस्था को इंडस्ट्री की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी। जो वाहन मालिक अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करेंगे, उन्हें नई गाड़ी खरीदते समय मोटर रियायत में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि आम लोगों को नई गाड़ी खरीदने में आर्थिक राहत भी मिलेगी।

जल जीवन मिशन" की योजनाओं में 2,813 करोड़ रूपये वृद्धि का अनुमोदन


बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में 'जल जीवन मिशन" अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं में प्रस्तावित लागत में वृद्धि राशि 2,813 करोड़ 21 लाख रूपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुमोदन किया, जो लगभग 13.55 प्रतिशत है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रूपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं और 60 हजार 786 करोड़ रूपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत 27 हजार 990 योजनाओं में से 15 हजार 947 ग्रामों की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 12 हजार 43 योजनाओं के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं। अभी तक कुल 8 हजार 358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। पुनरीक्षण कार्यवाही के अंतर्गत 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समस्त परिक्षेत्र के जिलों की प्रस्तुत 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के विस्तृत परीक्षण के उपरान्त कुल पुनरीक्षित लागत 9026 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति दिये जाने की अनुशंसा की गई। इन योजनाओं की मूल स्वीकृत लागत 6,213 करोड़ 76 लाख रूपये है।

No comments

Powered by Blogger.