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मंत्री सारंग एवं परमार ने अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया 

 भोपाल। सूर्यप्रभात 



खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग  एवं उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में वनोपज एवं वन औषधियों के विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने वनोपज संघ की स्मारिका “व्यापार एवं विकास’’ एवं ईको-टूरिज्म की “अनुभूति’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शनी, जिला यूनियन, शासकीय एवं निजी स्टॉल, वन-धन केन्द्र एवं आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के स्टॉल के उत्कर्ष प्रदर्शन के लिये प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर सारंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वन मेला वनों, वन उत्पादों के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के साथ ही दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों को सतत आजीविका के साधन उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण मंच है। वन मेले से लघु वनोपजों के संग्रहण एवं विक्रय के नये अवसर मिलते हैं, जो विक्रय श्रृंखला के निर्माण में सहायक होते हैं। मेले में वैद्यों द्वारा आयुर्वेद का ज्ञान देने के साथ वन से प्राप्त जड़ी-बूटियों को प्रदर्शित किया जाता है। 

मंत्री परमार ने कहा कि हमारे पूर्वज वनस्पती का महत्व जानते थे, इसलिये प्रकृति के संरक्षण के भाव से परम्परा एवं मान्यताएँ स्थापित कीं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के अंग नदी, पेड़, पहाड़ एवं सूर्य आदि समस्त के प्रति कृतज्ञता का भाव इनके संरक्षण एवं लोक कल्याण निहित हैं। मंत्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद का आगे बढ़ाने का संकल्प जन-आंदोलन बन रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय आयुर्वेद का है।इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  असीम श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ  विभाष कुमार ठाकुर, विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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