भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालकर राजनीतिक जवाबी अभियान तेज किया
भोपाल।
लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को भोपाल में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालकर राजनीतिक जवाबी अभियान तेज किया। अटल पथ पर आयोजित सभा में केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कांग्रेस के लोकतांत्रिक इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस पार्टी ने अपने शासनकाल में 90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया, वह आज किस मुंह से लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है? उन्होंने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं उसके भुक्तभोगी रहे हैं। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन देश में अस्थिरता का माहौल बनाना चाहते हैं और चुनावी पराजय के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का अपमान करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी : मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का अपमान करने और चुनाव आयोग को अपनी जेब की पुड़िया समझने वालों को जनता माफ नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब न्यायालय ने कांग्रेस के विरुद्ध फैसला सुनाया, पार्टी ने न्यायाधीशों और न्यायालय की गरिमा पर सवाल उठाए। आपातकाल इसका उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। किसी फैसले से असहमति जताने का लोकतांत्रिक अधिकार सभी को है, मगर संस्थाओं की विश्वसनीयता को राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक गतिविधियों और बयानों में संवैधानिक मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए।
खंडेलवाल बोले, लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के पक्ष में खड़ी है जनता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों से विमुख होकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और राजनीतिक भ्रम फैलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक संवाद के अनुकूल नहीं है। लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और इसे कमजोर करने वाले प्रयासों का जवाब जनजागरण तथा जनभागीदारी के माध्यम से दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। किसी फैसले से असहमति जताने का लोकतांत्रिक अधिकार सभी को है, मगर संस्थाओं की विश्वसनीयता को राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक गतिविधियों और बयानों में संवैधानिक मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए।
खंडेलवाल बोले, लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के पक्ष में खड़ी है जनता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों से विमुख होकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और राजनीतिक भ्रम फैलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक संवाद के अनुकूल नहीं है। लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और इसे कमजोर करने वाले प्रयासों का जवाब जनजागरण तथा जनभागीदारी के माध्यम से दिया जाना चाहिए।

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