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केंद्रीय मंत्री शिवराज देशभर के प्रमुख किसान संगठनों के नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे


नई दिल्ली। 

शिवराज सिंह चौहान द्वारा आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीड कानून के मसौदे पर सीधे किसानों के जमीनी अनुभव, सुझाव और पक्ष को शामिल करना है ताकि बीज माफियाओं के खिलाफ एक अचूक और प्रभावी व्यवस्था खड़ी की जा सके। ​प्रस्तावित नए ‘सीड एक्ट’ के तहत नकली, मिलावटी या घटिया बीज बेचने वाली कंपनियों और कारोबारियों के खिलाफ भारी जुर्माने और जेल की सजा जैसे बेहद सख्त कानूनी प्रावधान किए जा रहे हैं।

कई बार खराब बीज के कारण किसान की महीनों की गाढ़ी कमाई और खून-पसीने की मेहनत बर्बाद हो जाती है। केंद्र सरकार का स्पष्ट रुख है कि कानून ऐसा बने जो बीज की गुणवत्ता और पारदर्शी ट्रेसिंग सिस्टम की शत-प्रतिशत गारंटी दे, साथ ही किसानों के पारंपरिक बीजों के अधिकारों की भी रक्षा करे।

कल गुरुवार को आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय विमर्श में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के किसान प्रतिनिधि एक मंच पर उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में भारतीय किसान संघ, बीकेयू (विभिन्न घटक), अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC), किसान महापंचायत, भारतीय कृषक समाज, गांव किसान उन्नयन और सोसाइटी फॉर इंडिपेंडेंट फार्मर्स एसोसिएशन (SIFA) का शीर्ष नेतृत्व शामिल होगा।

​इसके साथ ही कर्नाटक रैयत संघ, तेलंगाना रैयत संघ, महाराष्ट्र का शेतकारी संगठन, गुजरात का खेदुत समाज, राजस्थान व बिहार की राष्ट्रीय किसान प्रोग्रेसिव एसोसिएशन, तमिलनाडु का व्यवसाइगल संघम, झारखंड का प्रगतिशील कृषि मंच तथा केरल के कोट्टायम का कृषक संगठन सहित कई राज्यों के जमीनी किसान प्रतिनिधि भी सीधे कृषि मंत्री के समक्ष अपनी बात रखेंगे। 

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