पांढुर्णा में परम्परा के नाम पर फिर खूनी खेल, गोटमार मेले में 1185 घायल, गंभीर हालत में 7 नागपुर रेफर
छिंदवाड़ा।
मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में एक बार फिर परम्परा के नाम खूनी खेल खेला गया। यहां शुक्रवार को पारंपरिक गोटमार मेले का आयोजन हुआ, जिसमें जाम नदी के दोनों किनारों पर बसे पांढुर्णा और सावरगांव के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किया। इस भीषण पत्थरबाजी में शाम 6 बजे तक 1185 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें से सात गंभीर घायलों को नागपुर रेफर किया गया है।
पांढुर्णा में गोटमार मेले की परंपरा करीब 300 साल पुरानी है। इसी परम्परा के मुताबिक, शुक्रवार को यहां सुबह 11 बजे पूजा-अर्चना के साथ गोटमार मेले की शुरुआत हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने चंडी माता मंदिर और जाम नदी में गाड़े गए पलाश के झंडे की पूजा की। जाम नदी में झंडा लगाए जाने के बाद पांढुर्णा और सावरगांव के गोटमार खिलाड़ी आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
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