उत्तर प्रदेश: पर्यावरण संरक्षण और तिरंगे के सम्मान को ध्यान में रखते हुए एक अनूठी पहल
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और तिरंगे के सम्मान को ध्यान में रखते हुए एक अनूठी पहल की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे पसंदीदा मानी जाने वाली इस गौशाला में गाय के शुद्ध गोबर से 'तिरंगा चेस्ट बैच' तैयार किए जा रहे हैं. ये बैच पूरी तरह बायोडिग्रेडेबल हैं, जिन्हें उपयोग के बाद गमलों या क्यारियों में डालने पर वे जैविक खाद का काम करेंगे. इससे प्लास्टिक के बैचों से होने वाले प्रदूषण और तिरंगे के अनादर से मुक्ति मिलेगी.
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के राष्ट्रीय पर्व पर हर देशवासी तिरंगे के रंग में रंगने को बेताब रहता है. अक्सर लोग अपनी छाती पर तिरंगा चेस्ट बैच लगाकर राष्ट्रभक्ति का इजहार करते हैं. लेकिन उत्सव खत्म होने के बाद प्लास्टिक से बने ये बैच सड़कों, नालियों और कूड़े के ढेरों में पड़े नजर आते हैं, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है बल्कि राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान होता है. इस गंभीर समस्या का एक नायाब और पर्यावरण-अनुकूल हल निकाला है उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला ने. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बेहद पसंदीदा इस गौशाला में गाय के शुद्ध गोबर से खास ‘तिरंगा चेस्ट बैच’ तैयार किए जा रहे हैं.

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