बिहार के हर जिले में बनेगी दंगा निरोधी दस्ता इकाई, 20 मिनट में घटनास्थल पहुंचेगी टीम
बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा दंगा, हिंसक प्रदर्शन, सामुदायिक तनाव, सड़क जाम और सरकारी संपत्ति पर हमले जैसी आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी जिलों में जिला दंगा निरोधी दस्ता गठित करने का फैसला किया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से बुधवार को इसकी विस्तृत कार्य योजना जारी की गई है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, प्रत्येक जिले एवं अनुमंडल स्तर पर दंगा नियंत्रण इकाई का गठन किया जा रहा है। इन दस्तों में प्रभारी पदाधिकारी, प्रशिक्षित पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी, प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी, आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा एवं एंबुलेंस सहायता दल, वीडियोग्राफी एवं दस्तावेजीकरण के लिए नामित कर्मी, संचार एवं रिजर्व बल तथा लाठी दस्ते में ओआरएस के सिपाही शामिल होंगे। प्रत्येक कंपनी में तीन प्लाटून होंगी। हर प्लाटून में अश्रु गैस दस्ता, लाठी दस्ता, सशस्त्र बल, चालक और वायरलेस ऑपरेटर समेत कुल 47 कर्मी होंगे। प्रत्येक प्लाटून के साथ दो वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस तरह राज्य में कुल 49 कंपनियों के दंगा निरोधी दस्ते का गठन किया जाएगा और इनके लिए कुल 294 वाहन उपलब्ध कराए जाने की योजना है।
जिलों को तीन श्रेणियों में बांटकर बल की तैनाती की जाएगी। श्रेणी ‘ए’ में पटना जिले को तीन कंपनियां और 18 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, भागलपुर और बेगूसराय को दो-दो कंपनियां तथा 12-12 वाहन दिए जाएंगे। श्रेणी ‘बी’ में नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, वैशाली, सीतामढ़ी, सिवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, जमुई और खगड़िया शामिल हैं। इन जिलों में एक-एक कंपनी और छह-छह वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। श्रेणी ‘सी’ में अरवल, शिवहर, बगहा, लखीसराय, शेखपुरा और नवगछिया को एक-एक प्लाटून तथा दो-दो वाहन दिए जाएंगे।
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