छत्तीसगढ़ के 176 गांवों में शुरू हुआ डिजिटल क्रॉप सर्वे, अब मोबाइल ऐप से होगी गिरदावरी
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि और फसलों से जुड़ा रिकॉर्ड अब डिजिटल रूप लेने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के एग्री स्टैक कार्यक्रम के तहत राज्य में डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) अभियान शुरू किया गया है। इसके माध्यम से खेतों में बोई गई फसलों की वास्तविक स्थिति और कृषि भूमि से संबंधित सटीक जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। सर्वे के दौरान मोबाइल ऐप और सैटेलाइट इमेजरी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सर्वेयर खेतों में पहुंचकर फसल की फोटो मोबाइल ऐप पर अपलोड कर रहे हैं, जिससे फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
इस अभियान की शुरुआत छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में भी की गई है। यहां पारंपरिक मैन्युअल गिरदावरी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जा रहा है। जिले में 17 अगस्त 2026 से शुरू हुए अभियान के तहत 176 ग्रामों के कुल 55 हजार 638 खसरों/प्लॉटों का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में सर्वे का काम पूरा कर कृषि और राजस्व रिकॉर्ड को अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनाना है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे में सर्वेयरों को खेतों तक पहुंचकर फसल की जानकारी दर्ज करने की जिम्मेदारी दी गई है। मोबाइल ऐप के माध्यम से खेत और उसमें लगी फसल से संबंधित जानकारी दर्ज की जा रही है। फसल की फोटो भी ऐप पर अपलोड की जा रही है। इससे कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होगी और खेत में वास्तव में कौन सी फसल बोई गई है, इसका डिजिटल डेटा तैयार किया जा सकेगा। सैटेलाइट इमेजरी के उपयोग से भी कृषि भूमि और फसलों की स्थिति की जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी। डिजिटल डेटा तैयार होने के बाद भविष्य में कृषि संबंधी योजनाओं और सरकारी सेवाओं को किसानों तक अधिक व्यवस्थित तरीके से पहुंचाने में सहायता मिल सकती है।
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