Header Ads

Header ADS

पेपर लीक रोकथाम के लिए कानून को सख्त बनाने वाला विधेयक लोकसभा से पारित


नई दिल्ली। 

लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े मामलों में मौजूदा कानून को अधिक कठोर किए जाने वाला संशोधन विधेयक शोर-शराबे के बीच बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि उन्हें आशा थी कि सकारात्मक सुझाव प्राप्त होंगे लेकिन इस विषय पर राजनीति करने का प्रयास किया गया। विधेयक के पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।


क्या है नया पेपर लीक कानून

लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रावधानों के अनुसार परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।

नए पेपर लीक कानून के तहत मिलेगी कितनी सजा

पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से पेश नए कानून में संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। इसके अलावा विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।

No comments

Powered by Blogger.