संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में शाखा विस्तार, जनगणना और नशा मुक्ति समेत कई मुद्दों पर हुआ मंथन
बेलगावी ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में शाखा विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम, जनगणना, जनसांख्यिकीय असंतुलन, नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता तथा संगठनात्मक गतिविधियों सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानपेटी की राशि की गणना के दौरान सामने आई अनियमितता की घटना पर भी चिंता व्यक्त की गई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देश के विभिन्न प्रांतों से आए 226 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक के दौरान संगठन के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ आगामी योजनाओं की रूपरेखा भी तैयार की गई।
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि सितंबर माह में अधिकतम शाखा विस्तार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया है। संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत अब तक आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए शेष कार्यक्रमों के सफल आयोजन की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
इसके साथ ही शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क में आए लोगों को सामाजिक गतिविधियों तथा 'पंच परिवर्तन' अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने पर जोर दिया गया। वर्ष 2026-27 के लिए सरसंघचालक के प्रवास कार्यक्रम की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य के संदर्भ में जनगणना और जनसांख्यिकीय असंतुलन से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। साथ ही नशामुक्त समाज के निर्माण पर जोर दिया गया
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