पंजाब में निजी ठेका प्रथा खत्म, कैबिनेट की बैठक में लगी मुहर
चंडीगढ़।
पंजाब में निजी ठेका प्रथा को खत्म कर दिया गया है। कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई। सीएम भगवंत मान ने कहा कि अब आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत कर्मचारी सरकार के अधीन काम करेंगे। मान ने कहा कि इसके लिए सरकार अध्यादेश लाएगी, जिसे राज्यपाल के पास भेजकर मंजूरी ली जाएगी ताकि जल्द इसका लाभ मिले। अध्यादेश के बाद मानसून सत्र में पंजाब स्टेट आउटसोर्स पर्सनल बिल-2026 व पंजाब कांट्रेक्टचुअल पर्सनल बिल-2026 लाए जाएंगे।
मान ने कहा, आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत कर्मियों की भर्ती का मकसद उन्हें निजी ठेकेदारी की मनमानियों और वित्तीय शोषण से मुक्ति दिलाना है। इसके अधीन कर्मचारी दो श्रेणी में विभक्त होंगे। पहला खतरनाक श्रेणी और दूसरा गैर खतरनाक श्रेणी।
खतरनाक श्रेणी में फायर ब्रिगेड के चालक व फायरमैन, बिजली निगम के लाइनमैन व कंपलेंट हैंडलिंग बाइकर्स और निगम के सीवरमैन व अन्य सफाई कर्मी होंगे। अन्य कर्मचारी गैर खतरनाक श्रेणी में शामिल होंगे।
खतरनाक श्रेणी के जिन कर्मचारियों का तीन साल व गैर खतरनाक कर्मियों का पांच साल का ठेका पीरियड पूरा हो जाएगा, वे सरकार की आउटसोर्सिंग पॉलिसी के अंतर्गत सीधे सरकार के अधीन काम करेंगे।
खतरनाक श्रेणी में फायर ब्रिगेड के चालक व फायरमैन, बिजली निगम के लाइनमैन व कंपलेंट हैंडलिंग बाइकर्स और निगम के सीवरमैन व अन्य सफाई कर्मी होंगे। अन्य कर्मचारी गैर खतरनाक श्रेणी में शामिल होंगे।
खतरनाक श्रेणी के जिन कर्मचारियों का तीन साल व गैर खतरनाक कर्मियों का पांच साल का ठेका पीरियड पूरा हो जाएगा, वे सरकार की आउटसोर्सिंग पॉलिसी के अंतर्गत सीधे सरकार के अधीन काम करेंगे।
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