उज्जैन के वीर भारत न्यास को 500 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन आवंटन के आरोप को लेकर कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बीच मतभेद सामने आ गया था। विवाद बढ़ने पर सोमवार को दिग्विजय सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि जीतू पटवारी उनके नेता हैं और उन्हें ट्रस्ट की सही जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने केवल तथ्य स्पष्ट किए।
दरअसल जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर आरोप लगाया था कि करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन एक निजी ट्रस्ट को महज एक रुपये के प्रतीकात्मक शुल्क पर आवंटित कर दी गई।
पटवारी के आरोपों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि जिस वीर भारत न्यास की बात हो रही है, वह निजी नहीं बल्कि शासकीय ट्रस्ट है। अब दिग्विजय सिंह की ताजा सफाई को कांग्रेस की ओर से डैमेज कंट्रोल की कोशिश माना जा रहा है।
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