अमेरिका और ईरान में शांति समझौते का ऐलान
नई दिल्ली।
28 फरवरी से जंग का मैदान बन चुके होर्मुज जलडमरूमध्य में अब जहाजों की आवाजाही निर्बाध हो सकेगी। लंबी ना-नुकुर के बाद अमेरिका और ईरान ने सुलह कर ली है। इससे दुनिया ने राहत की सांस ली है। वाशिंगटन और तेहरान ने शांति समझौते की पुष्टि की है। समझौते पर हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ समझौता हो गया।उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करने की घोषणा की है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि समझौते के अंतिम मसौदे पर दोनों पक्षों की सहमति हो गई है। अब लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो जाएगा। ईरान की सेना ने कहा कि ईरानी लोगों ने साबित कर दिया है कि अमेरिका और इजराइल के पास हार मानने और आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई चारा नहीं था।
समझौते का प्रधानमंत्री ने किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए बनी सहमति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस समझौते के क्रियान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी तथा वैश्विक व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सकेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान उत्पन्न हुआ है और कई देशों में जनहानि भी हुई है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए बनी समझ का वह स्वागत करते हैं।

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