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केंद्रीय मंत्रिमंडल बैठक : किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी से जुड़े निर्णय

 


नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर देश की ऊर्जा सुरक्षा, आधारभूत ढांचे, शहरी परिवहन और कृषि क्षेत्र पर पडेगा। इन फैसलों में राजस्थान में विशाल रिफाइनरी परियोजना, अरुणाचल प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाएं, जयपुर मेट्रो विस्तार और किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी से जुड़े निर्णय शामिल हैं।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सबसे प्रमुख निर्णयों में राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड़ परियोजना की लागत में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस परियोजना की लागत अब बढ़ाकर लगभग उन्यासी हजार चार सौ उनसठ करोड़ रुपये कर दी गई है। साथ ही हिंदुस्तान पेट्रोलियम निगम लिमिटेड द्वारा अतिरिक्त इक्विटी निवेश को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे कुल निवेश उन्नीस हजार छह सौ करोड़ रुपये हो जाएगा। यह रिफाइनरी अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी और इसमें पेट्रोल, डीजल के साथ साथ पॉलीप्रोपिलीन, एलएलडीपीई, एचडीपीई तथा बेंजीन जैसे पेट्रो रसायन उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यह परियोजना देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस रिफाइनरी परियोजना से न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि राजस्थान के पिछड़े क्षेत्र में औद्योगिकीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण के दौरान लगभग पच्चीस हजार लोगों को रोजगार मिल चुका है और भविष्य में भी रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। परियोजना की वाणिज्यिक शुरुआत एक जुलाई 2026 तक निर्धारित की गई है।

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश में जल विद्युत उत्पादन को मजबूत करने के लिए भी दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पहली परियोजना कालई द्वितीय जल विद्युत परियोजना है, जिसकी क्षमता बारह सौ मेगावाट होगी और इस पर लगभग चौदह हजार एक सौ पांच करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना लोहित नदी पर बनेगी और इससे हर साल चार हजार आठ सौ बावन मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इस परियोजना से राज्य में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी और राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन में भी मदद मिलेगी।

इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में किसानों को राहत देने के लिए मंत्रिमंडल ने खरीफ सत्र 2026 के लिए फास्फेट और पोटाश आधारित उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरों को मंजूरी दी है। इसके लिए लगभग इकतालीस हजार पांच सौ तैंतीस करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। इस फैसले से किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध होंगे और खेती की लागत में कमी आएगी।



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