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मोहन सरकार का परिसीमन पर जोर , विपक्ष की मौजूदा सीटों पर ही 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग 

 


भोपाल ।
 

मध्यप्रदेश विधानसभा विशेष सत्र में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ प्रस्तुत किया। संकल्प में देश की संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने और परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई। उधर सत्र के दौरान महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग वाले एक अशासकीय विधेयक को अध्यक्ष की ओर से अस्वीकार किए जाने के विरोध में सोमवार को विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया ।

कांग्रेस को महिला आरक्षण का विरोध करने की बजाय माफी मांगनी चाहिए : डॉ मोहन यादव  

विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया। सीएम ने कहा कि  आज जो कांग्रेस महिला हित की बात कर रही है, उसने 55 सालों तक सत्ता में रहते हुए महिलाओं को उनके हक से महरूम रखा. मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि कांग्रेस को महिला आरक्षण का विरोध करने की बजाय माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि 1972 में संविधान संशोधन के जरिए कांग्रेस ने ही महिला आरक्षण को रोकने का काम किया था. सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस गिरगिट की तरह रंग बदलती है; जब सत्ता में होती है तब भी परिसीमन का विरोध करती है और विपक्ष में रहकर भी वही कर रही है.

महिला सशक्तिकरण नहीं, केवल राजनीतिक दिखावा: उमंग 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल द्वारा महिलाओं को तत्काल प्रभाव से वर्तमान सीटों पर 33% आरक्षण देने के लिए लाए गए अशासकीय संकल्प को सरकार द्वारा स्वीकार न करना यह स्पष्ट करता है कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक दिखावा है। महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाते रहेंगे।

कृष्णा गौर ने कांग्रेस पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया

मंत्री कृष्णा गौर ने कांग्रेस पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘नारी शक्ति वंदना अधिनियम’ लाया गया, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया। विपक्ष की विधायक झूमा सोलंकी ने कहा कि यदि सरकार गंभीर होती, तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा अधिसूचित कानून को लागू करने में देरी नहीं होती। 

देश की दिशा तय करने वाला मुद्दा: हेमंत खंडेलवाल

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह केवल एक विषय नहीं, बल्कि देश की दिशा तय करने वाला मुद्दा है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है और भारत भी उन देशों में शामिल हो सकता है, जहां 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। खंडेलवाल ने जोर देते हुए कहा कि जब तक आधी आबादी को पूरा न्याय नहीं मिलेगा, तब तक महिला विकास की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती।

कांग्रेस विधायक बरैया के बयान पर हंगामा, सत्तापक्ष ने जताया कड़ा विरोध

विशेष सत्र में महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के “महिलाएं 2000 वर्षों से पैरों की जूती बनी रही” वाले बयान पर जमकर हंगामा हुआ। इसको लेकर सत्तापक्ष ने कड़ा विरोध जताया। बरैया ने भाजपा पर महिलाओं को आरक्षण देने की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाज में महिला और पुरुष गाड़ी के दो पहिए हैं, लेकिन एक पहिया अब भी पिछड़ा हुआ है, जिस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। बरैया ने कहा कि महिलाएं सदियों से सामाजिक रूप से दबाई जाती रही हैं और इस मानसिकता को बदलना जरूरी है। बरैया ने आगे कहा कि महिला पिछले 2000 वर्षों से पैरों की जूती बनी आ रही हैं, कांग्रेस तो अभी 150 साल पुरानी है।

आशा भोसले और अन्य के निधन पर किया शोक व्यक्त

मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को पार्श्व गायिका आशा भोसले और अन्य जानी-मानी हस्तियों के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और उनके सम्मान में सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

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