Header Ads

Header ADS

माता-पिता के निधन पर 13 दिन के शोक पर पुत्र को अनिवार्य सवैतनिक अवकाश देने की मांग

 


 भाजपा सांसद डॉ दिनेश शर्मा ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान उठाया मुद्दा 

नई दिल्ली। 

राज्यसभा में गुरुवार को सनातन परंपरा अनुरूप माता-पिता के निधन  के बाद 13 दिन के शोक के दौरान  पुत्र को अनिवार्य सवैतनिक अवकाश देने का मुद्दा उठा। शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद डॉ दिनेश शर्मा ने माता-पिता के निधन पर सरकारी एवं निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह मांग रखी। डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि  इस अवकाश को आकस्मिक अवकाश और अर्जित अवकाश से अलग रखा जाए जिससे कि कोई भी भारतीय अपनी आजीविका और धर्म पालन के बीच में किसी एक का चुनाव करने को विवश नहीं हो।

डॉ शर्मा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी एवं डिजिटल युग में बच्चे अपने माता पिता के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को दो अथवा तीन दिन में ही पूरा करने के लिए बाध्य हो रहे हैं।  उन्होंने भारत सरकार से सभी क्षेत्रों में सरकारी और नीचे दोनों क्षेत्र में अंतिम संस्कार करने वाले कर्मचारियों को 13 दोनों का अनिवार्य सवैतनिक शोक अवकाश जिसे आकस्मिक और अर्जित अवकाश से अलग रखते हुए घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम विकसित देशों जैसे कनाडा ब्रिटेन फ्रांस आदि में अपने पारिवारिक सदस्यों को खोने की स्थिति में सवैतनिक शोक अवकाश के प्रावधान हैं। कनाडा में इसकी अवधि 10 दिन तो ब्रिटेन में दो सप्ताह की है।

No comments

Powered by Blogger.