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छत्तीसगढ़ : पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश के मामले में एससी में याचिका खारिज 

 


नई दिल्ली/रायपुर

 सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के कुछ गांवों में पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश के मामले में याचिका खारिज कर दी है। गांव के बाहर बोर्ड लगाए गए हैं कि पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों की रोक से संबंधित होर्डिंग के मामले में हाईकोर्ट ने फैसला दिया था। जिसके बाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी जिसे सोमवार को खारिज कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस तरह के होर्डिंग को हटाने के अनुरोध वाली दो अलग-अलग याचिकाओं का पिछले साल अक्टूबर में निपटारा कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि लालच से धर्मांतरण पर लगाम लगाने के लिए होर्डिंग लगाने के कदम को असंवैधानिक नहीं कहा जा सकता। उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता के समक्ष सुनवाई के लिए आई।

कांकेर समेत बस्तर के 14 से ज्यादा गांवों में पास्टर , पादरियों और धर्मांतरित ईसाईयों के प्रवेश पर रोक लगाने के पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। कांकेर जिले के 14 गांवों में पास्टर और पादरियों के प्रवेश को लेकर विवाद हो चुका है। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, धर्म परिवर्तन की घटनाओं के बाद उन्होंने “परंपरा और संस्कृति की रक्षा” के नाम पर यह कदम उठाया था।


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