भारत में अब कटने और बंटने के दिन पूरी तरह से जा चुके हैं: संघ प्रमुख मोहन भागवत
देहरादून ।
उत्तराखंड के देहरादून में ‘संघ यात्रा-नये क्षितिज, नये आयाम’ विषय पर आयोजित एक प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में अब कटने और बंटने के दिन पूरी तरह से जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन जैसी त्रासदी को अब दोबारा किसी भी परिस्थिति में दोहराने नहीं दिया जाएगा, क्योंकि आज समाज और राष्ट्र दोनों पूरी तरह से जागृत हो चुके हैं और पूरी दुनिया भारत को नेतृत्व की भूमिका में देख रही है।
आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए आरएसएस प्रमुख ने साफ किया कि देश में आरक्षण बराबरी लाने के लिए ही लागू किया गया था। उनका स्पष्ट मानना है कि जब तक लोगों के मन और व्यवहार में सामाजिक विषमता या भेदभाव बना रहेगा, तब तक समाज में अदृश्य छुआछूत चलती रहेगी। इसलिए, जब तक समाज के मन से यह भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक आरक्षण व्यवस्था को जारी रहना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हजारों साल पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान केवल नियम-कानूनों से नहीं, बल्कि सच्चे सामाजिक सद्भाव से ही निकलेगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वर्गीकरण में बंटने के बजाय सभी एकजुट होकर रहें।
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