मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल-इंदौर मार्ग पर विक्रमादित्य स्वागत द्वार का किया भूमि-पूजन
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल-इंदौर मार्ग पर फंदा में विक्रमादित्य स्वागत द्वार का भूमि-पूजन किया। इस दौरान सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश के गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति को अभिव्यक्त करते राजधानी भोपाल में 9 स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। भोपाल में परमार वंश के कुलदीपक राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य, श्रीराम, श्रीकृष्ण के नाम पर भी भव्य स्वागत द्वार बनेंगे। यादव ने कहा कि क्षेत्रीय मांग पर ग्राम फंदा का नाम बदलकर हरिहर नगर करने संबंधी प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विवाह में दिखावा एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों पर फिजूलखर्ची बंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धन की बचत करके अपने बच्चों को पढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि मेरे पुत्र का विवाह सामूहिक विवाह समारोह में हुआ। सामाजिक समरसता के लिए सभी को ऐसे प्रयास करने चाहिए।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राजधानी में विकास कार्यों को गति मिली है। भोपाल और सीहोर के गांवों के बीच सड़क संपर्क बढ़ाया जाएगा। विधायक शर्मा ने क्षेत्रीय भावनाओं के अनुरूप ग्राम फंदा का नाम बदलकर हरिहर नगर करने की मांग रखी। महापौर मालती राय ने कहा कि विगत दो वर्षों में भोपाल के विकास के लिए कई बड़े कार्य हुए हैं। भोपाल में जीआईएस के आयोजन के माध्यम से राजधानी का चहुँमुखी विकास और सौंदर्यीकरण हुआ है।कश्मीर की तर्ज पर शिकारा नाव सेवा की सौगात मिली है। अब भोपाल में भव्य विक्रमादित्य स्वागत द्वार के निमार्ण के लिए भूमि-पूजन हुआ है। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, आयुक्त नगर निगम संस्कृति जैन, पदाधिकारी आशीष ऊषा अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

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