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पशुपालकों की आय में वृद्धि हमारा लक्ष्य , इसके लिए 71 प्रतिशत बढ़ाया विभाग का बजट : लखन पटेल


भोपाल ,
सूर्यप्रभात
 
पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने शनिवार को कहा कि मोहन सरकार पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिए वर्ष 2025-26 में 2483.17 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान है, जो वर्ष 2022-23 की तुलना में 71 प्रतिशत अधिक है। पटेल शनिवार को पशुपालन एवं डेयरी विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों से साझा कर रहे थे।

पटेल ने कहा कि बजट उपयोग के लिए सरकार ने गौशाला अनुदान की राशि 20 से बढ़ाकर 40 रूपये की गई है। इसके लिए गौशालाओं के अनुदान के बजट को 250 करोड से बढ़ाकर 505 करोड़ किया गया है। पटेल ने कहा कि  हमारा लक्ष्य राज्य में औसत दुग्ध उत्पादन तीन वर्षों में 33 लाख लीटर प्रतिदिन से अधिक करना। इसके लिए आगामी 3 वर्षों में 15 हजार से अधिक ग्रामों को कवर करना तथा दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों की संख्या बढ़ाकर कुल 470 हजार करना है ।

कामधेनु योजना में दुधारू पशु तक लेने की पात्रता

पटेल ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 09 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के उद्देश्य से "डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना" प्रारंभ की गई है। इसमें आवेदक को 25 दुधारू पशु से 200 दुधारू पशु तक लेने की पात्रता होगी। योजना में देशी नस्ल की गाय की इकाई की लागत 36 रूपये लाख तथा संकर नस्ल की गाय तथा भैंस की इकाई की लागत 42 लाख रूपये है। 

आगामी 03 वर्षों की कार्ययोजना

40 लाख प्रजनन योग्य गौ भैंस वंशीय पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा।

  • 20 लाख सेक्स संटिड सीमन डोसेस से गौ/भैंस वंशीय पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा।

  • 9000 नवीन ग्राम पंचायतों में अतिरिक्त मैत्रियों को प्रशिक्षण प्रदाय किया जाएगा।

  • ब्रीडर एसोसिएशन का विस्तार किया जायेगा।

  • प्रत्येक वर्ष दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान संचालित किया जाएगा।

  • 18 हजार ग्राम पंचायतों को क्षीरधारा ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।

  • 50 नवीन स्वावलंबी गौ शालाएं स्थापित की जाएंगी।

 

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