विश्वकर्मा योजना में हम अव्वल, 2 वर्षों में बाटे 436.34 करोड़: दिलीप जायसवाल
भोपाल, सूर्यप्रभात।
कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। योजना के तहत ऋण प्रकरणों की स्वीकृति में मध्यप्रदेश का देश में चौथा और ऋण वितरण में तृतीय स्थान है। पिछले 2 वर्षों के दौरान 436.34 करोड़ रुपये के 48 हजार 63 ऋण प्रकरण स्वीकृत किये गये हैं। इसी तरह 378.06 करोड़ रुपये के 42 हजार 559 ऋण प्रकरण वितरित किये गये हैं। जायसवाल ने यह जानकारी पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
जायसवाल ने कहा कि विभाग द्वारा 2 लाख 16 हजार 13 हितग्राहियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसी तरह 85 हजार 536 हितग्राहियों को टूल-किट वितरण एवं 2 लाख 45 हजार 513 हितग्राहियों को ई-वाउचर वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि हाथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा 4207.15 लाख रुपये तथा खादी बोर्ड द्वारा 2311.89 लाख रुपये का विक्रय एम्पोरियम और प्रदर्शनियों के माध्यम से किया गया है।
ग्रामोद्योग विभाग के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
जायसवाल ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये विभिन्न नवाचार किये जा रहे हैं। एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत जरी-जरजोदी एवं जूट, लकड़ी के खिलौने, बाग प्रिंट, सीधी कारपेट, चंदेरी साड़ी, दतिया गुड़ एवं उज्जैन के बटिक प्रिंट के उत्पादों की ब्रॉण्डिंग एवं विपणन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली, भोपाल हाट तथा जवाहर चौक भोपाल में मृगनयनी के साथ खादी के संयुक्त नवीन एम्पोरियम प्रारंभ किये गये हैं। रीवा एवं भोपाल में देवी अहिल्याबाई बुनकर मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 75 शिल्पियों द्वारा भागीदारी तथा फैशन-शो का प्रदर्शन हुआ।

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