महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून लागू, विधानसभा में लोकायुक्त कानून, 2023 संशोधन को मंजूरी
मुंबई
ज्येष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून को लेकर दी गई चेतावनी के महज 24 घंटे के भीतर राज्य सरकार हरकत में आ गई है। गुरुवार को अन्ना हजारे ने अल्टीमेटम दिया था कि यदि राज्य में लोकायुक्त कानून लागू नहीं किया गया तो वे जनवरी 2026 से आमरण अनशन शुरू करेंगे। इस चेतावनी के अगले ही दिन शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा में लोकायुक्त कानून, 2023 में एक बेहद महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दे दी गई। इस ऐतिहासिक फैसले के तहत अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों को भी लोकायुक्त कानून के दायरे में शामिल कर लिया गया है, जिससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं इस संशोधन प्रस्ताव को पटल पर रखा, जिसे सदन ने अपनी स्वीकृति दे दी। इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संशोधन का उद्देश्य कानून में स्पष्टता लाना है ताकि यह तय हो सके कि कौन-कौन से लोक सेवक जांच के दायरे में आएंगे। नए नियमों के मुताबिक, अब राज्य के किसी भी बोर्ड, निगम, समिति या अन्य सरकारी संस्थाओं में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए गए आईएएस अधिकारी लोकायुक्त के प्रति जवाबदेह होंगे। सरकार का तर्क है कि इससे केंद्र और राज्य सरकार के कानूनों के बीच किसी भी प्रकार के टकराव की स्थिति पैदा नहीं होगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को एक मजबूत कानूनी आधार मिलेगा।
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