Header Ads

Header ADS

तेंदुए से जान बचाने ग्रामीण पहन रहे गले में लोहे के कांटेदार पट्टे

 


पुणे 

महाराष्ट्र के पुणे स्थित पिंपरखेड़ गांव में तेंदुए का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि इंसान अपनी जान बचाने के लिए असाधारण तरीके अपनाने को मजबूर हो गए हैं। यहां ग्रामीण तेंदुए के जानलेवा हमलों से बचने के लिए गले में लोहे के ‘स्पाइक वाले कॉलर’ (कांटेदार पट्टे) पहनकर खेतों में काम करने जा रहे हैं, ताकि तेंदुआ उनकी गर्दन पर सीधा हमला न कर सके। दरअसल, पिछले एक महीने के भीतर ही तेंदुए ने एक 5 साल की बच्ची, एक 82 साल की बुजुर्ग महिला और एक 13 साल के लड़के को अपना शिकार बना लिया है। इन घटनाओं के बाद से पूरा गांव खौफ के साये में जी रहा है और लोगों ने अपने घरों की सुरक्षा के लिए चारों तरफ बिजली की तारें और लोहे की ग्रिलें भी लगवा ली हैं।

प्रशासन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 5 नवंबर को वन विभाग और रेस्क्यू टीम के संयुक्त ऑपरेशन में उस आदमखोर तेंदुए को मार गिराया गया, जो इलाके में हुई तीन मौतों के लिए जिम्मेदार माना जा रहा था। पुणे के वन संरक्षक आशीष ठाकरे ने उच्च अधिकारियों से मंजूरी लेने के बाद कैमरा ट्रैप और थर्मल ड्रोन की मदद से तेंदुए को ट्रैक किया था। ऑपरेशन के बाद तेंदुए का शव ग्रामीणों को दिखाया गया ताकि उनके मन से डर कम हो सके, जिसके बाद उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

No comments

Powered by Blogger.