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कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस : सीएम बोले अधिकारी जनता के बीच रात रुके,सौम्य व्यवहार करे

 


भोपाल। 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के पहले चरण के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने सभी कलेक्टरों और कमिश्नरों को नवाचार और जनकल्याण योजनाओं को सरल बनाने के निर्देश दिए. कहा, 6 महीने बाद इनकी समीक्षा की जाएगी. अधिकारियों को जनता के बीच रात रुकने और उनके साथ सौम्य व्यवहार रखने का आदेश दिया. जनसुनवाई में समस्याओं का त्वरित निदान तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई को कहा.

मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन देखे, जहां अच्छे कार्यों की सराहना की. कई नवाचारों पर चर्चा हुई. उन्होंने अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखने और विजन 2047 के लक्ष्यों पर फोकस करने को कहा. जनता का विश्वास सर्वोपरि है, इसे बनाए रखें. सिंहस्थ-2028 को धार्मिक पर्यटन का बड़ा अवसर बताते हुए मध्य प्रदेश को धार्मिक केंद्र बनाने पर जोर दिया. कुपोषण उन्मूलन अभियान तेज करने तथा अवैध कॉलोनियों पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिए. अस्पतालों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश

  • . सभी अधिकारी विजन-2047 के अंतर्गत प्रथम पांच वर्ष की योजना पर कार्य करें।

  • . कलेक्टर, सीईओ, एसपी, डीएफओ अपने जिले में टीम बनाकर कार्य करें।

  • . कलेक्टर, सीईओ एवं अन्य अधिकारी अनिवार्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करें।

  • . सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों के निराकरण पर ध्यान दिया जाए।

  • . जनसुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, इसे गंभीरता से लें।

  • . किसी भी जिले से जन प्रतिनिधियों से संवादहीनता की शिकायत नहीं आना चाहिए।

  • . जिलों में नवाचार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहे।

  • . जिन योजनाओं में सुधार की गुंजाईश है, उन पर कार्य किया जाए।

  • . गीता भवन योजना में गति लाई जाए, नगरों में ये भवन सामाजिक सद्भाव बढ़ाएंगे।

  • . साडा के कार्यों की समीक्षा की जाए।

  • . उद्योगों के लिए एमओयू के क्रियान्वयन में तेजी लाएं।

  • . पुरानी बंद मिलों की भूमि का यथाशीघ्र निपटारा किया जाए।

  • . धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दें, प्रत्येक जिले में इस दिशा में संभावनाओं को साकार करें।

  •  .लघु, कुटीर उद्योगों को प्राथमिकता देते हुए कार्य हो।

  • . भू-अर्जन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।

  • . राजस्व प्रकरणों का निराकरण के तहत राजस्व महाभियान में जनवरी 24 से आज तक एक करोड़ 8 लाख प्रकरणों का निराकरण हो चुका है। यह कार्यवाही निरंतर जारी रहे, राजस्व प्रकरण लंबित नहीं रखे जाएं।

  • .कृषि क्षेत्र में भावान्तर योजना के पंजीयन पर ध्यान दें। वर्तमान में डेढ़ लाख किसानों के पंजीयन हो चुके हैं।

  • .प्रत्येक जिले में जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें। उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहित करें।

  • . गुलाब की खेती को धार्मिक शहरों के करीब प्रोत्साहन दिया जाए।

  • . ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा दिया जाए। प्रत्येक जिले में सप्ताह में एक दिन जैविक एवं प्राकृतिक खेती के उत्पादों के लिए बाजार नियत होना चाहिए।

  • . स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें। बड़े अस्पतालों के साथ प्राईवेट मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल में निर्मित किए जाएं।

  • . कुपोषण के विरूद्ध अभियान तेज किया जाए।

  • . जिलों में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास के अमले में पर्याप्त समन्वय रहे।

  • . नगरीय निकायों के क्षेत्र में शहरी यातायात सुधारें।

  • . बड़े शहरों में फ्लाई ओवर बनवाएं।

  • . अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण की कार्यवाही की जाए।

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