नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास और पर्यटन की नई पहचान बनाएगा: गृह मंत्री अमित शाह
रायपुर।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के लिए प्रदेशवासियों, विशेषकर आदिवासी समुदाय को बधाई दी और इस सफलता का श्रेय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) तथा छत्तीसगढ़ पुलिस को दिया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे और इसे ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित कर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
नक्सलवाद ने विकास और शिक्षा को किया प्रभावित
गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने उनकी पार्टी को सत्ता में पहुंचाया और सरकार बनने के दो महीने के भीतर नक्सल उन्मूलन का संकल्प लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सलवाद के कारण जिस क्षेत्र में सांस्कृतिक गलियारा बनना चाहिए था, वहां रेड कॉरिडोर बन गया। जंगलों में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीतों की जगह बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। बच्चों के हाथों में कलम की जगह बंदूकें थमा दी गईं और जहां स्कूलों की घंटियां बजनी चाहिए थीं, वहां स्कूलों की इमारतें उड़ा दी गईं।
मानवाधिकार के मुद्दे पर नक्सलवाद समर्थकों से सवाल
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मानवाधिकार के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों से सवाल किया कि क्या मानवाधिकार केवल बंदूक उठाकर विकास रोकने वालों का है, गरीब आदिवासियों का नहीं? उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा में जिन लोगों के हाथ-पैर गंवाए, उन्हें मोदी सरकार कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर लेख लिखकर सलाह देने वालों से वहां आकर विकास कार्य देखने और आदिवासियों के दर्द पर भी लिखने का आह्वान किया।
90% नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण: शाह
गृह मंत्री ने विपक्षी पार्टी पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में विपक्षी पार्टी की तत्कालीन केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने नक्सलियों से हथियार डालने के बजाय केवल उत्पात बंद करने की अपील की थी। इसके विपरीत, उन्होंने नक्सलियों से हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने की अपील की और ऐसा नहीं करने पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई की चेतावनी दी। शाह के मुताबिक, इस नीति के तहत 90% नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 10% मारे गए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति कानून का पालन करने वालों के साथ नागरिकों जैसा व्यवहार करने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की है।
.jpg)
No comments