प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षण को बताया रचनात्मक कार्य, कहा- हर विषय राष्ट्र निर्माण में अहम
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षण को केवल तकनीकी प्रक्रिया के बजाय एक रचनात्मक कार्य बताते हुए कहा कि शिक्षक की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका विद्यार्थियों में मौजूद उन संभावनाओं को पहचानना है, जिन्हें वे खुद अभी नहीं देख पाते। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर साझा किए गए एक लेख में मोदी ने शिक्षा के व्यापक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संगीत, शारीरिक शिक्षा, खेल और व्यावसायिक प्रशिक्षण समेत हर विषय राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नौ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पूर्ण साक्षर घोषित
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मना रहा है और साक्षरता कार्यक्रम के तहत अब तक नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पूर्ण साक्षर घोषित किया जा चुका है। उन्होंने इसे शिक्षा के क्षेत्र में देश की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
विद्यांजलि पोर्टल से जुड़े 8.75 लाख से अधिक सरकारी स्कूल
प्रधानमंत्री ने विद्यांजलि पोर्टल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 8.75 लाख से अधिक सरकारी स्कूलों को ऐसे स्वयंसेवकों से जोड़ता है, जो गणित, सार्वजनिक भाषण, नृत्य और हस्तशिल्प जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि इन स्वयंसेवकों को भी शिक्षक के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि शिक्षण मूल रूप से एक कौशल और रचनात्मक कार्य है, न कि केवल तकनीकी प्रक्रिया।
हर विषय राष्ट्र निर्माण का माध्यम
लेख में कहा गया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को संगीत, शारीरिक शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसे विषयों को पारंपरिक अकादमिक विषयों से कमतर मानने की सोच से आगे बढ़ना चाहिए। इन सभी क्षेत्रों में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, कौशल और भविष्य को आकार देने की क्षमता है।
संगीत और शारीरिक गतिविधियों से सीखने में मदद
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि संगीत और शारीरिक गतिविधियां विद्यार्थियों को तनाव से निपटने में मदद कर सकती हैं और उनकी सीखने की क्षमता को बेहतर बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश की तेजी से बढ़ती ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ रचनात्मक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर पैदा करेगी।
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