मोहन कैबिनेट में विकास के लिए 41 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति
भोपाल।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय संतुलन और गुणवत्ता विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) का पुनर्गठन कर भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन नए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण और 'सांची' ब्रांड के उन्नयन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से 2 हजार 973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी दी गई।
प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चिकित्सा उपकरणों और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए पंजीकृत कृषकों से ग्रीष्मकालीन मूंग की उपज के उपार्जन सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने के निर्णय का अनुसमर्थन किया गया। साथ ही नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा और निवाड़ी में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सामाजिक न्याय और आयुष विभागों में नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
पंजीकृत कृषकों से मूँग का 60 प्रतिशत उपार्जन किए जाने वाले निर्णय का अनुसमर्थन
मंत्रि-परिषद ने रबी विपणन वर्ष 2026 में मूँग एवं उडद का 1 जुलाई 2026 से उपार्जन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। रबी वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) में प्राइस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए मंत्रि-परिषद के 24 फरवरी 2026 के आदेश में पंजीकृत कृषकों से उनकी उपज का 25 प्रतिशत उत्पादन ही उर्पाजित करने के निर्णय को आंशिक रूप से संशोधन करते हुए मूंग का पंजीकृत कृषकों से उनकी उपज का 60 प्रतिशत तक का उपार्जन किया जाने का निर्णय लिया गया था।

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