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भारत में जन्मी चीता केजीपी 12 ने चार नए शावकों को जन्म दिया, देश में चीतों की संख्या बढ़कर 56 हुई


 नई दिल्ली। 

प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के मौके पर श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी 12 ने चार नए शावकों को जन्म दिया है। नए शावकों के जन्म के साथ ही देश में चीतों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। नए मेहमानों के आने से कूनो में एक बार फिर चीता कुनबे के विस्तार की उम्मीद मजबूत हुई है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा करते हुए प्रोजेक्ट चीता और कूनो नेशनल पार्क की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नए शावकों के जन्म को प्रोजेक्ट चीता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में साझा किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो में चार नए शावकों के जन्म पर खुशी जताई। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश के साथ-साथ प्रोजेक्ट चीता की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कूनो में चीता की बढ़ती आबादी से वाइल्डलाइफ टूरिज्म, स्थानीय लोगों की आजीविका और इकोसिस्टम संरक्षण को मजबूती मिल रही है।


जानकारी के अनुसार कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में कुल 49 चीते मौजूद हैं। इनमें से 17 चीते खुले वन क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। खुले वन क्षेत्र में मौजूद चीतों में 10 नर और 7 मादा शामिल हैं। वहीं, कूनो में 32 चीते सॉफ्ट रिलीज बाड़ों में रखे गए हैं। इनमें 5 नर और 8 मादा चीते शामिल हैं। इसके अलावा, एक साल से कम उम्र के शावक भी इन बाड़ों में मौजूद हैं।

चीता संरक्षण कार्यक्रम का विस्तार कूनो से आगे भी हो रहा है। मध्य प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य में भी 3 चीते मौजूद हैं। इस तरह मध्य प्रदेश में चीता संरक्षण और पुनर्स्थापना कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ रहा है। चार नए शावकों के जन्म को कूनो और प्रोजेक्ट चीता के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। भारत में जन्म लेने वाले चीतों की संख्या बढ़ना इस परियोजना के अगले चरण की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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