उर्वरक विभाग 1 से 15 सितंबर तक मनाएगा ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’, डिजिटल स्वच्छता और ई-गवर्नेंस पर विशेष फोकस
नई दिल्ली।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत उर्वरक विभाग 1 से 15 सितंबर, 2026 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ का आयोजन करेगा। राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान पारंपरिक स्वच्छता गतिविधियों के साथ-साथ डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, ई-गवर्नेंस और साइबर स्वच्छता को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य कार्यस्थलों को स्वच्छ और बेहतर बनाने के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, दक्षता और गुणवत्ता को बढ़ावा देना है।
इस वर्ष स्वच्छता पखवाड़े की खास बात ‘डिजिटल स्वच्छता और रिकॉर्ड प्रबंधन’ पर विशेष जोर है। तेजी से डिजिटल हो रहे प्रशासनिक तंत्र के बीच उर्वरक विभाग ने ई-ऑफिस और डिजिटल फाइलिंग व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने की रणनीति तैयार की है। इसके तहत लंबित ई-फाइलों की समीक्षा, निष्पादित फाइलों को डिजिटल रूप से क्लोज और आर्काइव करने तथा डेटाबेस के बेहतर वर्गीकरण पर काम किया जाएगा।
अभियान के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को आधिकारिक ईमेल इनबॉक्स से अनावश्यक, स्पैम और पुरानी फाइलों एवं अटैचमेंट्स को हटाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इससे न केवल सर्वर स्पेस का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि डिजिटल डेटा प्रबंधन और साइबर स्वच्छता को भी मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के संदेश के साथ होगी शुरुआत
स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के स्वच्छता संदेश के साथ होगा।
इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता शपथ भी दिलाई जाएगी।
अभियान के दौरान सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और कपड़े के थैले तथा रीयूजेबल बोतलों को अपनाने के प्रति भी जागरूकता फैलाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य स्वच्छता को केवल कार्यालय परिसर की सफाई तक सीमित न रखते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार कार्य-संस्कृति से जोड़ना है।

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