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मुख्यमंत्री आज करेंगे देश की सबसे लंबी जल-सुरंग स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण


भोपाल। 

मध्य प्रदेश के सिंचाई इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद जल-सुरंग अब पूर्णता के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज कटनी जिले में देश की सबसे लंबी और तकनीकी रूप से सबसे जटिल जल-सुरंग का निरीक्षण करेंगे।  मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 'कृषक कल्याण वर्ष' के तहत सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता दिए जाने के क्रम में यह परियोजना महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। 

लगभग 1600 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह 11.952 किलोमीटर लंबी टनल देश की सबसे लंबी वाटर टनल मानी जा रही है। इसके माध्यम से नर्मदा का पानी प्राकृतिक ढलान के जरिए बिना किसी पंप की सहायता के सोन बेसिन तक पहुंचेगा। इसके पूरा होने के साथ ही जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। साथ ही कटनी शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए भी नर्मदा का पानी उपलब्ध कराया जाएगा तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।   

असंभव को कर दिखाया संभव

तकनीकी रूप से विंध्य की 40 मीटर ऊंची रिज लाइन को भेदना पूरी दुनिया के इंजीनियरों के लिए एक स्वप्न जैसा था। जमीन से लगभग 30 मीटर नीचे चल रहे इस महा-अभियान में मार्बल-लाइमस्टोन की चमकती कठोरता, डोलोमाइट की दृढ़ता और पानी में घुली चूने की विशालकाय भूमिगत गुफाओं के बीच टनल के भीतर प्रति मिनट 25 हजार लीटर तक उफनते पानी के रिसाव और अचानक धंसने वाली मिट्टी जैसी विकट परिस्थितियों के चलते  अत्याधुनिक जर्मन हेरेनकनेक्ट मशीन और विशेष टेम ग्राउटिंग तकनीक को युद्धस्तर पर उतारा गया।

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