आयुष्मान भारत योजना पूरे देश में लागू, 70 वर्ष से अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिक भी शामिल
नई दिल्ली।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) अब देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो चुकी है। केंद्र सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया है। इसके साथ ही लाभार्थी परिवारों की संख्या 10.74 करोड़ से बढ़ाकर 12 करोड़ कर दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
लाभार्थियों का दायरा लगातार बढ़ा
मंत्री ने बताया कि शुरुआत में योजना के तहत वर्ष 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आधार पर 10.74 करोड़ परिवारों को शामिल किया गया था। जनवरी 2023 में जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए इसे बढ़ाकर 12 करोड़ परिवार कर दिया गया। इसके बाद मार्च 2024 में लगभग 37 लाख आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायिकाओं के परिवारों को भी योजना में शामिल किया गया। वहीं, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया।
देशभर में कैशलेस इलाज की सुविधा
एबी पीएम-जेएवाई की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत लाभार्थी अपने गृह राज्य से बाहर भी देश के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों और यात्रा के दौरान इलाज की जरूरत वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।
29.05 लाख अंतर-राज्यीय उपचार अधिकृत
30 जून 2026 तक योजना के तहत 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश अधिकृत किए जा चुके हैं। इन उपचारों का कुल मूल्य 8,383.97 करोड़ रुपए से अधिक है, जो योजना की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसान हुई प्रक्रिया
सरकार ने बताया कि योजना को एक मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लागू किया गया है। इससे सूचीबद्ध अस्पताल देश के किसी भी राज्य के लाभार्थी की पहचान और सत्यापन कर कैशलेस एवं पेपरलेस उपचार उपलब्ध करा सकते हैं। यही प्रणाली दावों के निपटान और अस्पताल में भर्ती की प्रक्रिया को भी आसान बनाती है।
जागरूकता अभियान पर भी जोर
योजना के बारे में अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत समाचार पत्र, टेलीविजन, रेडियो, सामुदायिक रेडियो, सोशल मीडिया, डिजिटल माध्यमों और नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को योजना और इसकी पोर्टेबिलिटी सुविधा की जानकारी दी जा रही है।

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