मानसून सत्र में ही पेश होगा समान नागरिक संहिता विधेयक-डॉ. मोहन यादव
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विधानसभा के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का प्रस्ताव लाया जाएगा। बुधवार को विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कमेटी राय ले रही है और आगामी सत्र में ही समान नागरिक संहिता को प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें जनजातीय समुदाय अलग रहेगा। मुख्यमंत्री के इस बयान से स्पष्ट है कि राज्य सरकार यूसीसी को लेकर केवल चर्चा के स्तर पर नहीं, बल्कि उसे कानून का स्वरूप देने की ठोस योजना के साथ अपने कदम बढ़ा चुकी है।
मध्य प्रदेश में यदि यूसीसी विधेयक पारित होकर लागू किया जाता है तो उत्तराखंड और गुजरात के बाद इस कानून को लागू करने वाला वह देश का तीसरा राज्य बन जाएगा। हालांकि अभी हाल में असम सरकार ने भी विधानसभा में यूसीसी विधेयक पारित किया है, लेकिन इसके लागू होने में अभी कुछ समय लग सकता है।
बता दे कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप प्रदेश में समान नागरिक संहिता की व्यवहारिकता जांचने और इसका मसौदा तैयार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। इस समिति में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, कानूनी विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद् गोपाल शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता बुद्धपाल सिंह को शामिल किया गया है।
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