मोहन कैबिनेट : जनजातीय विद्यार्थियों को 687 करोड़, इंदौर मेट्रो को 5 हजार 388.58 करोड़ रुपये की स्वीकृति
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में जनजातीय कार्य विभाग की एच्छिक संस्थाओं को शैक्षणिक और अन्य कल्याणकारी प्रवृत्तियों के लिए अनुदान संबंधी योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2031 में निरंतर संचालन के लिए 687 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त 19 हजार 472 करोड़ 29 लाख रुपये मंजूर
प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 7 हजार 500.80 करोड़ रुपये में 5 हजार 388.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर पुनरीक्षित लागत 12 हजार 889.38 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण पीपीपी घटक एवं आंतरिक ऋण के प्रभाव को सम्मिलित करते हुए 6 हजार 582.91 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस तरह कुल 19 हजार 472 करोड़ 29 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 7 हजार 500.80 करोड़ रुपये में 5 हजार 388.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर पुनरीक्षित लागत 12 हजार 889.38 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण पीपीपी घटक एवं आंतरिक ऋण के प्रभाव को सम्मिलित करते हुए 6 हजार 582.91 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस तरह कुल 19 हजार 472 करोड़ 29 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन आउटसोर्स प्रणाली से
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। केबिनेट ने रीवा, देवास तथा गुना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन आउटसोर्स प्रणाली से किए जाने संबंधी पायलट परियोजना संचालित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के कुल तीन ज़िलों रीवा, देवास तथा गुना में चिह्नित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों जहाँ चिकित्सकों के अधिकांश पद रिक्त है, उनका संचालन आउटसोर्स प्रणाली से किए जाने हेतु पायलट परियोजना संचालित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त प्रणाली अंतर्गत संदर्भित संस्थाओं के संचालन के लिए निविदा के निर्माण एवं समापक रूप प्रदायगी का कार्य दायित्व लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रदत्त किए जाने एवं निविदा प्रक्रिया एमपीपी एचएससीएल के माध्यम से किए जाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।
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