वन मेले का हुआ समापन, मंत्री विजय शाह बोले -बॉयर-सेलर मीट से वनवासियों को मिलेगा लाभ
भोपाल, सूर्यप्रभात।
भोपाल में चल रहे 11वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का मंगलवार को समापन हो गया। समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार उपस्थित थे । इस अवसर पर मंत्री शाह ने कहा कि वन मेले में आयोजित बॉयर-सेलर मीट वनवासियों को बिचौलियों के शोषण से बचा कर उत्पादों का सीधा लाभ दिला रहे हैं। मध्यप्रदेश पहला राज्य है जो श्री-अन्न पर एमएसपी के साथ ही एक हजार रुपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले यह अनाज गरीब खाते थे, अब अमीर भी खा रहे है। इससे वनवासी जनजातीय समुदाय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहा है।
दिलीप जी हम मिलकर लगाए मेले ,मैं तैयार हूं , आप अपना हिसाब देख ले
शाह ने सुझाव दिया कि आदिवासियों को मंच देने के लिए संभाग और जिला स्तर पर ऐसे मेले आयोजित किए जाए, जिसमें जनजातीय विभाग के साथ-साथ वन एवं संस्कृति विभाग मिलकर काम करें। इसके लिए जनजातीय विभाग 100 से 200 करोड़ का बजट देने को तैयार है। उन्होंने वन मंत्री दिलीप अहिरवार की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मैं तैयार हूं , आप अपना हिसाब देख ले
वन विभाग लगाए उच्च कोटि के महुए के पेड़ , पैसा हम दे देंगे
मंत्री विजय शाह ने महुआ का जिक्र करते हुए कहा कि महुआ का पेड़ गरीब आदिवासियों के जीवन का अभिन्न अंग है। पेड़ से नीचे गिरे हुए महुए का अभी आदिवासियों को 35 रुपए किलो के आसपास भाव मिलता है। उन्होंने वन विभाग से अपील की कि अगर वन विभाग उसमें पेड़ के नीचे लगाने के लिए जाली की व्यवस्था कर दे तो इसकी कीमत 110 किलोग्राम के आसपास हो जाएगी। उन्होंने विभाग से उच्च कोटि के महुए के पेड़ लगाने की भी अपील की ,जिससे आने वाले समय में आदिवासियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो। इसके लिए जनजाति विभाग सौ दो सौ करोड रुपए खर्च कर सकता है। उन्होंने वन विभाग से उनकी विधानसभा हरसूद में पायलट प्रोजेक्ट के रूप से इसे लागू करने की बात की।
अगला वन मेला महाशिवरात्रि पर उज्जैन में -दिलीप अहिरवार
राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने बताया कि मेले में वन उत्पादों के व्यापार के साथ ही आयुर्वेद को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अगला वन मेला महाशिवरात्रि पर उज्जैन में आयोजित किया जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह मेला मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विशेष रुचि और प्रोत्साहन से बेहद खास बन गया।
बॉयर-सेलर मीट में 5 करोड़ रुपये के हुए सौदे, 2.5 करोड़ के वन उत्पाद बिके - समीता राजौरा
इससे पहले मध्यप्रदेश वनोपज संघ की एमडी समीता राजौरा ने अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का लेखा जोखा दिया। उन्होंने बताया कि मेले में 7 दिन में 2.5 करोड़ रुपये की जड़ी-बूटियों और वन उत्पाद बेचे गये। मेले हुई बॉयर-सेलर मीट में भी कुल 5 करोड़ रुपये के सौदे हुए।वन मेले में तीन लाख सैलानी आये। मेले में आयुर्वेदिक चिकित्सकों और पारम्परिक नाड़ी वैद्यों की ओपीडी भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। ओपीडी में हजारों मरीजों ने निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया। वन मेले में कुल 350 स्टॉल लगाये गये, जिनमें 102 सरकारी संस्थाओं के थे। इन स्टॉल्स में हर्बल-रेसिपी, जड़ी-बूटियों के साथ ही वन-उत्पाद शामिल रहे। मेले में विशेष प्रदर्शनियां भी लगागई गई थीं। इनमें डायनोसोर की प्रदर्शनी बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।

No comments